1.यूरिक एसिड आखिर है क्या?
हम लोगों का शरीर एक जटिल मशीन की तरह काम करता है। और इसे चलाने के लिए हमे भोजन करना होता है जिसे हमारी रोज़मर्रा की खुराक मे से मौजूद पोषक तत्व और शरीर की आंतरिक क्रियाएं मिलकर हमें ऊर्जा देती हैं। जब हम भोजन करते हैं, तो उसमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन, खनिज और प्यूरीन (Purine) जैसे तत्व शरीर में टूटकर अलग-अलग यौगिकों में बदलते हैं (यूरिक एसिड हाई) और हमारे शरीर के सभी हिशों मे पहुँच जाता है ।
हमारे शरीर मे प्यूरीन एक प्राकृतिक यौगिक है, जो लाल मांस, समुद्री भोजन, दालें, मटर, चना, और अल्कोहलिक ड्रिंक्स में अधिक मात्रा में पाया जाता है। जब शरीर इन प्यूरीन को तोड़ता है तो एक उप-उत्पाद बनता है, जिसे हम यूरिक एसिड (Uric Acid) कहते हैं।
सामान्य स्थिति में यह यूरिक एसिड हमारे खून में घुल जाता है और किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। लेकिन जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो यह खून में क्रिस्टल (सुई जैसी संरचना) के रूप में जमने लगता है। ये क्रिस्टल मुख्य रूप से जोड़ों में जमा होते हैं और जिसके बजे से हमारे शरीर मे काई जगह पर दर्द, जलन और सूजन पैदा करते बूढ़े बुजुर्ग के लोगों मे जोड़ों का दर्द अधिक देखा जाता है यह सब यूरिक एसिड की मात्र हमारे शरीर मे अधिक होने के बजे से जब हमारे शरीर इसे पूरी तर से फ़िल्टर नहीं कर पता है तब वह हमारे शरीर मे काई हीसो वह जोड़ों मे जाकर जाम जाता है दर्द होने या बढ़ाने का यही कारण होता है ।यूरिक एसिड हाई इन आसान एक्सरसाइज से सिर्फ 90 दिनों
यूरिक एसिड हाई होने पर शरीर में जोड़ों का दर्द, सूजन और गठिया जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। लेकिन सही डाइट और आसान एक्सरसाइज अपनाकर आप सिर्फ 90 दिनों में इससे चमत्कारी राहत पा सकते हैं।”
2. यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है?
यूरिक एसिड का बढ़ना केवल एक कारण से नहीं होता, बल्कि इसे बढ़ाने का कई कारण हो सकते है जो हमरे खानपान पर निर्भर होता है उस भोजन मे काई तरह के तत्व होते है जो मिलकर इसे असामान्य रूप से बढ़ा देते हैं। यूरिक एसिड हाई
(1) जैसे की खानपान मे सामील करना रेड मीट, मटन, चिकन और मछली दालें, मटर, राजमा, चना ,शराब और बीयर ज्यादा फ्रुक्टोज वाले पेय (सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैक्ड जूस) ये सभी चीज़ें प्यूरीन से भरपूर होती हैं। इनका अधिक सेवन करने से हमारे शरीर में यूरिक एसिड का स्तर अचानक बढ़ सकता हैदर्द जेसे समस्या का सामना करना होता है ।यूरिक एसिड हाई
जीवनशैली
हमारे जीवन सैली का भी हमारे जिंदगी मे बाहुत बड़ा महत्व होता है खानपान से ले कर उठान बैठन जैसे
- लंबे समय तक बैठे रहना
- हमार मोटापा
- एक्सरसाइज की कमी
- तनाव और नींद की कमी
- फैक्टर शरीर की मेटाबॉलिक क्षमता को कमजोर कर देते हैं।यूरिक एसिड कंट्रोल डाइट
जेनेटिक कारण :अगर परिवार में किसी को पहले से गाउट (Gout) या किडनी स्टोन जैसी समस्या रही है तो यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा और ज्यादा हो जाता है।
दवाइयों का असर :कुछ दवाइयां, जैसे – ब्लड प्रेशर की दवाएं, पानी की गोलियां (Diuretics) और इम्यून सिस्टम दबाने वाली दवाइयां भी यूरिक एसिड का स्तर बढ़ा सकती हैं।
यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर में क्या होता है?
- जोड़ों में दर्द और सूजन: खासकर पैरों की अंगुलियों, एड़ी और घुटनों में।
- लालिमा और जलन: प्रभावित हिस्से पर हल्की जलन और लालपन।
- रात के समय दर्द का बढ़ना: गाउट अटैक प्रायः रात के समय ज्यादा तेज होता है।
- जोड़ों की गतिशीलता कम होना: समय के साथ जोड़ों में जकड़न आ जाती है।
- गुर्दों पर असर: ज्यादा यूरिक एसिड kidney stones का कारण बन सकता है।
- यूरिक एसिड हाई

यह सब हमे शरीर मे यूरिक एसिड की मात्र बढ़ाने के बजे से होता है इसलिए हमे अपने खान पान को सही करना चाहिए जिसे इस समस्या पर नियंत्रण किया जा सके ।यूरिक एसिड हाई
बढ़ने के लक्षण
यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है। शुरुआत में अक्सर लोग इसे सामान्य थकान, हल्के दर्द या मौसम बदलने की वजह समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन जब खून में यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने लगते हैं, तो यह अलग-अलग रूप में शरीर पर असर डालते हैं। इन लक्षणों को समय रहते पहचान लेना बेहद जरूरी हैयूरिक एसिड हाई लेकिन यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या धीरे-धीरे विकसित होने के करना से लोग इसे जल्दी नहीं पहचान नहीं पाते है और यह हमारे शरीर मे धीरे धीरे अपना घर बनान लेता है शरीर मे फेलजात है जिसे हमे काई बीमारी का सामना करना पड़ता है ।यूरिक एसिड हाई
शुरुआती संकेत (Early Signs
शुरुआती संकेत (Early Signs)
1. थकान और भारीपन
बिना अधिक काम किए भी जल्दी थकान होना।
शरीर में बोझिलपन और नींद जैसा महसूस होना।
2.हल्का जोड़ों का दर्द
खासकर सुबह उठते समय या लंबे समय तक बैठने के बाद।
यह दर्द कभी-कभी आता है और कई लोग इसे सामान्य मानकर अनदेखा कर देते हैं।
3. पैरों में जलन या सूजन
यूरिक एसिड का असर सबसे पहले पैरों पर दिखता है।
पंजों और टखनों में हल्की जलन और सूजन आना इसका संकेत हो सकता है।
विकसित लक्षण
जैसे-जैसे यूरिक एसिड का स्तर और बढ़ता है, वैसे-वैसे इसके लक्षण भी अधिक स्पष्ट और तकलीफ़देह हो जाते हैं।
1. जोड़ों में सूजन
पैरों की अंगुलियां, एड़ी, घुटने और हाथों की अंगुलियां सबसे ज़्यादा प्रभावित होती हैं।
कभी-कभी जोड़ों का आकार भी बड़ा दिखाई देने लगता है।
2. तेज दर्द
रात के समय अचानक तेज दर्द होना।
दर्द इतना तीव्र हो सकता है कि मरीज बिस्तर पर पैर तक हिलाने में असमर्थ हो जाता है।
3. लालिमा और गर्माहट (Redness & Warmth)
प्रभावित जोड़ों पर त्वचा लाल और गर्म हो जाती है।
स्पर्श करने पर हल्की जलन महसूस होती है।
4. जोड़ों की जकड़न (Stiffness)
लंबे समय तक बढ़े हुए यूरिक एसिड से जोड़ों की लचक कम होने लगती है।
सुबह उठते समय या ठंड के मौसम में यह जकड़न अधिक होती है।यूरिक एसिड हाई? इन एक्सरसाइज से पाएं 90 दिनों में चमत्कारी राहत”
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गंभीर संकेत यूरिक एसिड हाई
अगर लंबे समय तक यूरिक एसिड का स्तर ऊंचा बना रहे तो स्थिति गंभीर हो सकती है जिससे काई बीमारी का समान करना पड़ सकता है ।यूरिक एसिड हाई? इन एक्सरसाइज से पाएं 90 दिनों में चमत्कारी राहत”
1. गाउट अटैक (Gout Attack)
यह यूरिक एसिड बढ़ने की सबसे गंभीर स्थिति है।
अचानक और असहनीय दर्द, अक्सर आधी रात को शुरू होता है।
जोड़ों पर सुई चुभने जैसी पीड़ा महसूस होती है।
2. टोफाई (Tophi)
जोड़ों और हड्डियों पर कठोर गांठ जैसी संरचना बनना।
ये यूरिक एसिड क्रिस्टल का जमाव होते हैं, जो त्वचा के नीचे दिखाई देने लगते हैं।
3. किडनी स्टोन (Kidney Stones)
यूरिक एसिड के ज्यादा स्तर से गुर्दों में पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है।
कमर या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द, पेशाब में जलन और खून आना इसके संकेत हो सकते हैं।यूरिक एसिड हाई? इन एक्सरसाइज से पाएं 90 दिनों में चमत्कारी राहत”
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कब सतर्क होना चाहिए?
अगर आपको शरीर मे किसी ना किसी भाग मे बार-बार जोड़ों में दर्द और सूजन हो रही है तब हमे जांच एक बार कर लेना चाहिए । जैसे की
रात को दर्द अचानक बढ़ जाता है या तेज हो जाता हो ।
पैरों की अंगुलियों में लालिमा और जलन बनी रहती है।
बार-बार पेशाब में समस्या या पथरी जैसी स्थिति बन रही है।
इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए डॉक्टर से परामर्श लेकर खून की जांच और यूरिक एसिड का स्तर पता कराना बेहद ज़रूरी है और हमे अपने नियमित रूप से दो से तीन महीने मे एक बार डॉक्टर से परामर्श वह जांच कर लेना चाहिए ।यूरिक एसिड हाई
3.यूरिक एसिड कम करने के उपाय
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खानपान (Diet) में बदलाव
- पानी ज्यादा पिएं – दिनभर में 8–10 गिलास पानी पिएँ, इससे यूरिक एसिड पेशाब के जरिए बाहर निकलता है जिसे बढ़ाने से कम होता है।
- कम प्यूरिन वाला भोजन खाएँ
- हरी सब्जियाँ (पालक, लौकी, तोरई, परवल, गाजर, खीरा)
- फल (सेब, नाशपाती, चेरी, स्ट्रॉबेरी, संतरा)
- साबुत अनाज और दलिया
हमरे भोजन मे यह सब ऐड करना चाहिए जिस से प्यूरिन की मात्र बढ़ाने से कम क्या ज सके या रोक जा सकता है ।
उच्च प्यूरिन वाले भोजन से परहेज़ करें इन सब भोजनों का सेवन कम करना चाहिए
- लाल मांस (गोमांस, बकरा)
- मछली, समुद्री भोजन
- दालें और राजमा ज़्यादा मात्रा में
- शराब (विशेषकर बीयर)
- तैलीय और तली-भुनी चीज़ें
- दूध और दही – कम फैट वाले दूध और दही से फायदा मिलता है।
- ग्रीन टी और नींबू पानी – यूरिक एसिड को कम करने में मददगार।
जीवनशैली (Lifestyle) में बदलाव
- नियमित व्यायाम करें, लेकिन भारी-भरकम वर्कआउट से बचें।
- वज़न नियंत्रित रखें – मोटापे से यूरिक एसिड बढ़ता है।
- तनाव कम करें – योग, ध्यान और पर्याप्त नींद लें।
- धूम्रपान और शराब छोड़ें।
संक्षेप में:
अगर हम अपने जीवन शैली को सही कर ले तो यह बदल ले तो हुम काई बीमारियों को दूर कर सकते है यूरिक एसिड के शुरुआती लक्षण हल्के होते हैं लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर और असहनीय दर्द में बदल सकते हैं। समय रहते इसकी पहचान और इलाज करने से गठिया और किडनी की जटिलताओं से बचा जा सकता है।यूरिक एसिड हाई? इन एक्सरसाइज से पाएं 90 दिनों में चमत्कारी तरीके से दूर कर सकते है
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