सूर्य ग्रहण किसे कहते है?
सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। जब चाँद सूर्य और धरती के बीच आ जाता है, तो वह कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी को रोक देता है। इस वजह से सूरज का पूरा या आंशिक हिस्सा ढक जाता है।
2025 का सूर्य ग्रहण , क्या भारत से दिखेगा?
सूर्य ग्रहण 2025 इस साल शुरू आत चंद्र ग्रहण से हुवा था और अब इस साल साल ग्रहण समाप्त भी अंत भी सूर्य ग्रहण से होने जा रहा है 21 सितंबर Sunday का दिन लगाने जा रहा है जो भारत में नहीं दिखाई दे गा क्योंकि भारत में यह समय रात का होगा इसलिए नहीं देख जा सकता है यह मुख्या रूप से बाहर के देशों में से दिखाई देगा l
सूर्य कैसे लागत है?
सूर्य ग्रहण लागत कैसे- जब चाँद सूर्य के ढाक लेता आ सूर्य के सामने चन्द्रमा आ जाता है
आंशिक सूर्य ग्रहण जब चाँद सूर्य का कुछ ही भाग को ढकता है
जिससे सूरज आधा दिखाई देता है विभिन आकार मे भी होता है
दिखाई देगी कहाँ कहाँ?
मुख्यता ऑस्ट्रेलिया, न्यू जीलैंड, प्रशांत द्वीप समूह और अंटार्कटिका से भारत में दिखाई देगा? नहीं – भारत में यह ग्रहण रात के समय होगा, इसलिए वहाँ से नहीं दिखेगा।
सूर्य ग्रहण 2025 ज्योतिषी मान्यता
सूर्य ग्रहण को लेकार कई मान्यता है
ज्योतिषी मान्यता के अनुसार इस दिन पितृ पक्ष सम्पत होना और अमावस्या का संयोग बनेगा इस साल दर साल दूसरा ग्रहण और आखरी सूर्य ग्रहण जो सम्पत होगा
मान्यता: ग्रहण के समय भोजन एवं पूजा पाठ नहीं किया जाता है
गर्भवती महिला को इस दिन घर से बाहर नहीं निकला जाता है
सूर्य ग्रहण सावधानी
सूर्य ग्रहण को दिखाने के लिए निम्न सावधानी होना चाहिये
कभी भी बिना सोलर चश्मे या विशेष फिल्टर के सूरज को न देखें।
धूप का चश्मा, पानी में देखना या काले शीशे का इस्तेमाल सुरक्षित नहीं है।
निष्कर्ष:
सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है सूर्य ग्रहण विज्ञान और प्रकृति का एक शानदार नज़ारा है साल में एक बार वर्ष में आता है ।
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