आज के डिजिटल युग में हमारी ज़िंदगी लैपटॉप, मोबाइल और टीवी स्क्रीन के बिना अधूरी लगती है। काम हो या मनोरंजन, घंटों तक स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखना आम बात बन चुकी है। लेकिन इस आदत का सबसे ज़्यादा असर हमारी आंखों पर पड़ता है। हाल के वर्षों में ड्राई आई सिंड्रोम (Dry Eye Syndrome) यानी आंखों की सूखापन की समस्या तेजी से बढ़ी है, खासकर युवाओं और ऑफिस में लंबे समय तक कंप्यूटर इस्तेमाल करने वालों में।
ड्राई आई क्या होती है?
ड्राई आई या आंखों की ड्राइनेस वह स्थिति है जब आंखों में नमी की कमी हो जाती है। सामान्य तौर पर हमारी आंखें लगातार आंसू बनाती हैं जो उन्हें नम रखते हैं, लेकिन जब आंसू कम बनते हैं या जल्दी सूख जाते हैं, तो आंखें जलने, चुभने या भारीपन महसूस करने लगती हैं।
मोबाइल और लैपटॉप का बढ़ता असर
जब हम लंबे समय तक स्क्रीन देखते हैं, तो पलकों की झपकने की दर कम हो जाती है। सामान्य व्यक्ति एक मिनट में लगभग 15–20 बार आंख झपकाता है, लेकिन स्क्रीन देखने के दौरान यह घटकर सिर्फ 5–7 बार रह जाती है। नतीजा — आंखें सूखने लगती हैं और उनमें जलन, धुंधलापन या दर्द महसूस होता है।आंखों में ड्राइनेस

1. आंखों में जलन या खुजली होना
2. आंखों में भारीपन या थकान महसूस होना
3. लालपन और सूजन
4. रोशनी में देखने पर परेशानी
5. धुंधला दिखना
6. आंखों में किरकिरापन महसूस होना
अगर ये लक्षण बार-बार महसूस हों, तो यह ड्राई आई सिंड्रोम का संकेत हो सकता है।
ड्राई आई के कारण आंखों में ड्राइनेस
- मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का अत्यधिक उपयोग
- लंबे समय तक एयर कंडीशनर या धूल भरे माहौल में रहना
- कॉन्टैक्ट लेंस का ज़्यादा इस्तेमाल
- नींद की कमी
- शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
- उम्र बढ़ना या हार्मोनल बदलाव
कुछ दवाइयों जैसे एलर्जी या ब्लड प्रेशर की दवाओं के साइड इफेक्ट आंखों में ड्राइनेस

असरदार घरेलू उपाय
1. गुलाबजल का प्रयोग करें
गुलाबजल आंखों को ठंडक और नमी देता है। एक साफ कॉटन बॉल को गुलाबजल में भिगोकर आंखों पर रखें। दिन में दो बार यह उपाय करने से ड्राइनेस कम होगी।आंखों में ड्राइनेस
2. गर्म सिकाई (Warm Compress) करें
एक साफ कपड़े को हल्के गर्म पानी में भिगोकर आंखों पर 5–10 मिनट रखें। इससे तेल ग्रंथियों की रुकावट दूर होती है और आंखें रिलैक्स महसूस करती हैं।
3. स्क्रीन टाइम कम करें
हर 20 मिनट पर स्क्रीन से नजरें हटाकर 20 फीट दूर किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें — इसे “20-20-20 रूल” कहा जाता है। यह आंखों की नमी बनाए रखने में बहुत मदद करता है।आंखों में ड्राइनेस
4. पलकें झपकाने की आदत डालें
काम करते समय जानबूझकर बार-बार आंख झपकाने की कोशिश करें। इससे आंसू फैलते हैं और सूखापन कम होता है।
5. पानी और हाइड्रेशन बढ़ाएं
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। शरीर में नमी बनी रहेगी तो आंखें भी सूखी नहीं होंगी।
6. एलोवेरा और नारियल तेल
एलोवेरा जेल या वर्जिन नारियल तेल में मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं। इन्हें आंखों के आसपास (लेकिन अंदर नहीं) हल्के हाथ से लगाने से आराम मिलता है।आंखों में ड्राइनेस
7. आहार में ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करें
फिश, फ्लैक्स सीड्स, अखरोट या ओमेगा-3 कैप्सूल लेने से आंखों की प्राकृतिक नमी बनी रहती है।
कब डॉक्टर से मिलें
अगर आपको लगातार धुंधलापन, तेज जलन, आंखों में दर्द या रोशनी से संवेदनशीलता महसूस हो रही है, तो आई स्पेशलिस्ट (नेत्र रोग विशेषज्ञ) से सलाह लेना जरूरी है। कुछ मामलों में कृत्रिम आंसू (Artificial Tears) या दवाइयों की आवश्यकता होती है।आंखों में ड्राइनेस
ड्राई आई से बचाव के जरूरी टिप्स
स्क्रीन की ब्राइटनेस और कॉन्ट्रास्ट को संतुलित रखें
कमरे में पर्याप्त रोशनी रखें
सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल न करें
कॉन्टैक्ट लेंस की बजाय चश्मे का प्रयोग करें
आंखों की नियमित जांच करवाएं
निष्कर्ष
डिजिटल युग में आंखों की देखभाल उतनी ही जरूरी है जितनी शरीर की। लगातार मोबाइल या लैपटॉप देखने की आदत को थोड़ा नियंत्रित करें, बीच-बीच में ब्रेक लें और ऊपर बताए गए घरेलू उपाय अपनाएं। थोड़ी सी सावधानी और सही दिनचर्या से आप ड्राई आई जैसी परेशानी से आसानी से राहत पा सकते हैं।
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