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NEET 2025: मेडिकल क्षेत्र की सबसे बड़ी परीक्षा | पात्रता, सिलेबस, तैयारी और प्रवेश प्रक्रिया की पूरी जानकारी

आज के समय में चिकित्सा (Medical) क्षेत्र को सबसे प्रतिष्ठित और सेवा-प्रधान पेशों में गिना जाता है। हर वर्ष लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर इस दिशा में कदम बढ़ाते हैं। भारत में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाने वाली परीक्षा है – राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (यूजी), जिसे आमतौर पर NEET (National Eligibility cum Entrance Test) कहा जाता है। यह परीक्षा न केवल छात्रों की योग्यता को परखती है, बल्कि उन्हें एक समान अवसर भी प्रदान करती है, ताकि हर वर्ग और राज्य के छात्र एक ही मंच से अपनी योग्यता दिखा सकें।

नीट परीक्षा का इतिहास और उद्देश्य

पहले भारत में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए अलग-अलग राज्य और संस्थान अपनी-अपनी परीक्षाएँ आयोजित करते थे। इससे छात्रों पर कई परीक्षाएँ देने का दबाव बढ़ जाता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए 2013 में पहली बार NEET परीक्षा लागू की गई।

इसका मुख्य उद्देश्य था – एक देश, एक परीक्षा का सिद्धांत, जिससे मेडिकल शिक्षा में पारदर्शिता और समानता बनी रहे। आज NEET परीक्षा के माध्यम से पूरे देश में एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS), आयुष (BAMS, BHMS, BUMS) जैसे कोर्सों में प्रवेश दिया जाता है।

परीक्षा का आयोजन और जिम्मेदार संस्थान

नीट परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA – National Testing Agency) द्वारा किया जाता है। NTA परीक्षा की अधिसूचना, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा केंद्र, प्रश्नपत्र तैयार करना, उत्तर कुंजी और परिणाम जारी करने का कार्य करती है।

यह परीक्षा सामान्यतः वर्ष में एक बार, लगभग मई माह में आयोजित की जाती है, और परिणाम जून के मध्य तक घोषित कर दिया जाता है।

पात्रता और योग्यता

NEET में भाग लेने के लिए कुछ बुनियादी पात्रता शर्तें होती हैं –

अभ्यर्थी का 12वीं कक्षा में भौतिकी, रसायन और जीवविज्ञान (PCB) विषयों में अध्ययन आवश्यक है।

न्यूनतम 50% अंक (सामान्य वर्ग) तथा 40% अंक (आरक्षित वर्ग) आवश्यक हैं।

छात्र की न्यूनतम आयु 17 वर्ष और अधिकतम 25 वर्ष (कुछ श्रेणियों को छूट) होती है।

विदेशी और NRI छात्र भी निर्धारित शर्तों के अनुसार NEET परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

परीक्षा पैटर्न

NEET (UG) परीक्षा ऑफलाइन मोड (पेन-पेपर आधारित) में आयोजित होती है।

प्रश्नपत्र में कुल 200 प्रश्न होते हैं, जिनमें से 180 प्रश्नों का उत्तर देना होता है।

प्रत्येक सही उत्तर के लिए 4 अंक और गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती (Negative Marking) की जाती है।

प्रश्नपत्र चार विषयों पर आधारित होता है –

1. भौतिकी (Physics)

2. रसायन विज्ञान (Chemistry)

3. जीवविज्ञान (Biology – Botany & Zoology)

अधिकांश प्रश्न 11वीं और 12वीं की NCERT पुस्तकों से पूछे जाते हैं, इसलिए इन पुस्तकों को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

नीट परीक्षा की तैयारी कैसे करें?

NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता पाने के लिए नियमित अध्ययन, सही रणनीति और मानसिक संतुलन बेहद जरूरी है।

यहाँ कुछ मुख्य सुझाव दिए जा रहे हैं –

एनसीईआरटी (NCERT) की पुस्तकों को बार-बार पढ़ें और सभी सूत्र, रासायनिक समीकरण एवं जैविक प्रक्रियाएँ याद रखें।

पुराने वर्षों के प्रश्नपत्र (Previous Year Papers) और मॉक टेस्ट हल करें।

समय का सही प्रबंधन (Time Management) सीखें।

कठिन विषयों पर विशेष ध्यान दें और नोट्स तैयार करें।

शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए उचित नींद और व्यायाम को न भूलें।

नीट परीक्षा का परिणाम और काउंसलिंग प्रक्रिया

परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों की ऑल इंडिया रैंक (AIR) जारी की जाती है।

इसके आधार पर दो स्तरों पर प्रवेश प्रक्रिया होती है –

1. ऑल इंडिया कोटा (AIQ) – 15% सीटें देशभर के सभी छात्रों के लिए आरक्षित होती हैं।

2. स्टेट कोटा (85%) – शेष सीटें राज्य के विद्यार्थियों के लिए होती हैं।

काउंसलिंग प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से की जाती है, जिसमें छात्रों को कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकता भरनी होती है। मेरिट के अनुसार सीटें आवंटित की जाती हैं।

नीट परीक्षा का महत्व

NEET ने भारतीय चिकित्सा शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव लाया है। इससे पहले छात्रों को अलग-अलग राज्यों की प्रवेश परीक्षाओं में भाग लेना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।

NEET ने इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया है। आज देश के किसी भी कोने का छात्र, समान प्रश्नपत्र और समान अवसर के साथ अपनी प्रतिभा के दम पर डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर सकता है।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (NEET) न केवल एक परीक्षा है, बल्कि यह लाखों छात्रों के सपनों की राह है। यह एक ऐसा मंच है जो मेहनती छात्रों को चिकित्सा सेवा के पवित्र पेशे में कदम रखने का अवसर देता है।

अगर छात्र लगन, अनुशासन और सही दिशा में तैयारी करें तो NEET जैसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा में सफलता निश्चित है।

यह परीक्षा न सिर्फ करियर का मार्ग खोलती है, बल्कि समाज के लिए सेवा का अवसर भी प्रदान करती है — क्योंकि डॉक्टर बनना केवल पेशा नहीं, बल्कि जीवन का एक संकल्प है।

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